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टूटे रिश्ते शायरी इन हिंदी ▷ Broken relationships shayari in hindi

टूटे रिश्ते शायरी इन हिंदी ▷ Broken relationships shayari in hindi
    टूटे रिश्ते शायरी इन हिंदी ▷ Broken relationships shayari in hindi

    टूटे रिश्ते शायरी इन हिंदी ▷ Broken relationships shayari in hindi : 

    सीखते रहे उम्र भर लहरों से लड़ने का हुनर हमें कहाँ पता था, क़ि किनारे भी कातिल निकलेंगे

    युहीं उम्र काटी, दो ही अल्फाज़ में,एक आस में और एक काश में

    ना आवाज हुई, ना तमाशा हुआ, बड़ी ख़ामोशी से टूट गया, एक “भरोसा” जो तुझ पर था

    मेरी ख़ामोशी में सन्नाटा भी है शोर भी, तूने देखा ही नहीं, मेरी आँखों में कुछ और भी है

    एक खूबसूरत सा रिश्ता यूँ खतम हो गया, हम दोस्ती निभाते रहे,और उसे इश्क हो गया

    ना जाने कितनी ख्वाईशें दफन है इस दिल में, कैसे दफनाओगे एक कब्रिस्तान को एक कब्र में


    ना जाने किस कॉलेज से ली थी मोहब्बत की डिग्री उसने कि, मुझसे किये गए सारे वादे उसके फर्जी निकले

    रुकावटें तो सिर्फ ज़िंदा इंसान के लिए हैं मय्यत के लिए तो सब रास्ता छोड देते हैं

    कौन याद रखता हैं गुजरे हुए वक़्त के साथी को लोग तो दो दिन में नाम तक भुला देते हैं |

    गम ए आरज़ू तेरी आह में, शब् ए आरज़ू तेरी चाह में, जो उजड़ गया वो बसा नहीं, जो बिछड़ गया वो मिला नहीं


    मुझे तलाश हैं एक रूह की, जो मुझे दिल से प्यार करे वरना इंसान तो पेसो से भी मिल जाया करते हैं |

    दिल में आने का रस्ता तो होता हैं लेकिन जाने का नहीं,इसलिए जब कोई दिल से जाता हैं तो दिल तोड़ कर ही जाता हैं|

    आखिर क्यों बस जाते हैं दिल में बिना इजाज़त लिए? वो लोग जिन्हे हम ज़िन्दगी में कभी पा नहीं सकते

    गुजरा हैं मोहब्बत में कुछ ऐसा भी ज़माना रूठा हूँ अगर तो मनाया था हमे भी किसी ने


    कभी फुर्सत मिले तो सोचना जरूर, एक लापरवाह क्यों तेरी परवाह करता था…

    बर्दाश्त कर लेता हूँ हर दर्द इसी आस के साथ की, खुदा नूर भी बरसाता है, आज़माइशों के बाद…

    कल रात मैंने अपने सारे ग़म, कमरे की दीवारों पर लिख डाले,  बस फिर हम सोते रहे और दीवारें रोती रही.

    हमारी भी अमीरों में आज गिनती होती… काश तेरी यादों का खज़ाना बेच पाते हम..


    काश ये दिल बेजान होता, ना किसी के आने से धडकता ना किसी के जाने पर तडपता…

    कितनी अजीब है मेरे अंदर की तन्हाई, हजारों अपने है फिर भी याद उसी की आती है…


    सच कहा था किसी ने तन्हाईयों में जीना सीख लो; मोहब्बत जितनी भी सच्ची हो साथ छोड़ ही जाती है…

    अपनाने के लिये हजार खुबियाँ कम है, छोड़ने के लिये एक कमी ही काफी है…

    99% यकीन था कि तू मेरी नहीं होगी… बस उस 1% ने मुझे किसी और का ना होने दिया…

    अब भी ताजा है जख़्म सीने में, बीन तेरे क्या रखा है जिने में,हम तो जिंदा है तेरा साथ पाने को, वर्ना देर कितनी लगती है ज़हर पीने में…


    चले जायेंगे एक दिन तुझे तेरे हाल पर छोड़कर कदर क्या होती हैं प्यार की तुझे वक़्त ही सीखा देगा

    जब लगा सीने पे तीर तब हमे इतना दर्द नहीं हुआ …..ग़ालिब ज़ख्म का एहसास तो तब हुआ जब कमान अपनों के हाथ में दिखी

    मोहब्बत हाथो में पहनी चूडी की तरह होती है खनकती है, संवरती है, और आखिर टूट जाती है|

    मोहब्बत करने वाले ना जीते है ना ही मरते है, फूलों की चाह मैं वो काँटों पर से गुजरते है..!

    टूटता हुआ तारा सबकी दुआ पूरी करता है.. क्यों के उसे टूटने का दर्द मालूम होता है….

    चंद शब्दों में बहुत ही गहरी भावना जितना चाहो तोड़ लो तुम मुझे आजमै शीशा हूँ टूट कर भी खनक छोड़ जाऊंगा

    उन्हे हम याद आते है मगर फुर्सत के लम्हों में, मगर ये बात भी सच है की उन्हे फुर्सत नहीं मिलती…

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